कुछ घंटों में निपटा लें जरूरी काम, वर्ना होगा नुकसान

अगर बैंक में आपका कोई जरूरी काम है तो उसे कुछ ही घंटों में निपटा लें वर्ना आने वाले दो दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं. दरअसल, अगले दो दिन यानी 8 और 9 जनवरी को पब्‍लिक सेक्‍टर के बैंकों के कुछ कर्मचारी हड़ताल करेंगे. इस हड़ताल की वजह से बैंकों का कामकाज प्रभावित होने की आशंका है. ऐसे में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. हालांकि इससे प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. बता दें कि दिसंबर में भी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की थी. इस वजह से बीते महीने के आखिरी 10 दिन में से बैंक 5 दिन बंद रहे थे.

सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर प्रस्तावित हड़ताल के समर्थन में यह निर्णय लिया गया है.  आईडीबीआई बैंक ने बीते दिनों बंबई शेयर बाजार को बताया था कि ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) ने आठ और नौ जनवरी के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बारे में इंडियन बैंक एसोसिएशन को सूचित किया है.

वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने बंबई शेयर बाजार को अलग से सूचित किया है कि आठ और नौ जनवरी को एआईबीईए और बीईएफआई के हड़ताल के कारण कुछ क्षेत्रों में बैंकों की शाखाओं एवं कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो सकता है. दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों इंटक, ऐटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी, टीयूसीसी, एलपीएफ और सेवा ने भी आठ और नौ जनवरी को आम राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है.

हालांकि भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से सम्बद्ध बैंकिंग यूनियन नेशनल आर्गनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) के उपाध्यक्ष अश्विन राणा ने कहा कि बीएमएस इस हड़ताल में शामिल नहीं है क्योंकि यह राजनीतिक हड़ताल है. इसलिए एनओबीडब्ल्यू से संबंधित अन्य यूनियनें हड़ताल में शामिल नहीं होंगी.

मेला अधिकारी आनंद ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पूरी कुंभ नगरी को 20 सेक्टर में बांटा गया है जिनमें कुंभ कल्पवासियों के लिए 5 हजार कैंप बनाए जाएंगे. आनंद की मानें तो इस बार कुंभ में 12 करोड़ से ज्यादा लोग पधारेंगे. कुंभ नगरी के ज्यादातर इलाके जूना अखाड़ा और निर्मोही अखाड़े को सौंप दिए गए हैं. अस्पताल, कैंटिन और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल के अलावा गंगा आरती के लिए भी खास जगह तय की गई है. पूरे प्रयागराज जिले में 38 से भी ज्यादा पांटून पुल बनाए गए हैं.

कुंभ नगरी के लगभग हरेक सेक्टर में पुलिस थाने और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात की गई है. यहां 40 थाने बनाए गए हैं, जबकि पूरे प्रयागराज में 42 थाने हैं. 4 मार्च को संपन्न होने वाले कुंभ के लिए 20 हजार पुलिस बलों की तैनाती की गई है. पुलिसकर्मियों को भगदड़ जैसी दशा से निपटने के लिए खास ट्रेनिंग दी गई है. गुमशुदा लोगों की खोजबीन के लिए 15 खोया-पाया सेंटर बनाए जा रहे हैं. कुंभ नगरी का खास फोकस सेक्टर 18 पर है जहां वीआईपी गेट बनाया गया है. यहां 72 देशों के नुमाइंदे पधारेंगे जिनकी अगवानी खुद मुख्यमंत्री योगी करेंगे. रेतीले घाट पर बने इस सेंटर पर सभी 72 देशों के ध्वज लहरा रहे हैं.

9 महीने पहले ही यूनेस्को ने कुंभ मेले को सांस्कृतिक विरासत की श्रेणी में शामिल किया है. इसे देखते हुए यूपी सरकार दिल्ली की केंद्र सरकार से मदद लेकर अर्धकुंभ को यादगार और ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. देश के कोने-कोने की सांस्कृतिक झलक इस मेले में दिखे, इसके लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी पूरी तैयारी की है. रामलीला और कृष्ण लीला के अलावा अंतरराष्ट्रीय बैले थीम पर आधारित कार्यक्रम भी कराने की योजना है. दुनिया भर से लोग कुंभ नगरी पहुंचे, इसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने विज्ञापनों पर भी काफी जोर दिया है.

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